Microsoft Windows kya hai | Windows के Versions

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Windows क्या है
Windows क्या है

Microsoft Windows के बारे में तो आप सबने सुना ही होगा और आपको थोड़ा बहुत मालूम भी होगा की Windows एक software को कहते हैं। पर क्या आप Windows के बारे में अच्छी तरह से सबकुछ जानते हैं ?

बहुत कम लोगों को ही Windows के बारे में सभी तरह की जानकारी होती है। तो इसलिए दोस्तों आज हम आपको इससे जुड़ी अधिक जानकारी बताने वाले हैं ताकि अगर आप कुछ नहीं भी जानते हों तो हमारे इस article के द्वारा आप जान जाएंगे। आज हम आपको बताएंगे की Windows किसेकहतेहैं, इसकाअविष्कारकिसनेकिया, इसकेकितनेप्रकारहोतेहैं, औरइसकीविशेषताएंक्या-क्याहैं?

तो आइए जानते है।

Windows होता क्या है और इसका अविष्कार किसने किया?

Windows एक operating system है। Windows का अविष्कार Microsoft company के द्वारा किया गया था। Bill Gates जोकि Microsoft company के founder हैं उन्होंने Windows का अविष्कार computer की दुनिया को आसान बनाने के लिए किया था।

आपने यह तो जान लिया की Windows किसे कहते हैं पर क्या आपको पता है की इसके अनेक प्रकार भी होते हैं। चलिए एक-एक करके हम आपको इसके बारे में बताते हैं।

Windows कितने प्रकार के होते हैं?

वैसे तो Windows के बहुत से प्रकार होते हैं लेकिन इनके use के अनुसार प्रमुख रूप से windows को केवल 6 भागों में बांटा गया है :

1. सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Single-user Operating System)

इस operating system को एक वक़्त पर सिर्फ एक ही user इस्तेमाल कर सकता है।

2. मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-user Operating System)

Multi-user operating system को एक वक़्त पर एक से ज़्यादा लोग इस्तेमाल कर सकते हैं या इसपर काम कर सकते हैं।

3. मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi-tasking Operating System)

यह operating system अपने users को एक साथ कई काम करने या programmes चलाने की अनुमति देता है। जैसे की आप एक ही वक़्त पर किसी से internet पर chat भी कर सकते हैं और साथ ही Youtube भी चला सकते हैं।

4. मल्टिप्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi Processing Operating System)

इस operating system की मदद से आप एक ही program को कई CPU पर चला सकते हैं।

5. मल्टीथ्रेडिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi Threading Operating System)

Multi Threading OS में आप एक ही program के कई parts को एक साथ चला सकते हैं।

6. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम (Real Time Operating System)

यह OS users के द्वारा दिए गए command को तुरंत सुनता है और उसपर काम करता है।

Windows के प्रकार जानने के बाद अब बारी हैं कुछ ऐसी विशेषताओं के बारे में जानने की जिसे आप use तो ज़रूर करते होंगे पर आपको यह नहीं पता होगा की आपके computer में यह features आपकी Windows की वजह से है।    

Windows या OS की विशेषताएं क्या-क्या हैं?

Windows के तो अनेक विशेषताएं हैं पर कुछ विशेषताएं जोकि खास हैं जिनके लिए OS को जाना जाता है उनके बारे में हमने यहां नीचे बताया है।

  • यह Computer की सारी files को manage करता है।
  • Memory Management का भी काम करता है।
  • Computer या laptop को इस्तेमाल करना आसान बनता है।
  • Computer Processing का ध्यान रखता है।
  • Computer software के साथ-साथ computer hardware को भी manage करता है।
  • Computer द्वारा किये गए हर काम का record रखता है।
  • अनेक तरह के OS उपलब्ध करता है।
  • Virus या और कोई threat के लिए alert करता है।
  • Users के computer program के बीच एक माध्यम बनाता है।
  • Computer को internet से connect करने मदद करता है।
  • Keyboard shortcuts की सुविधा भी उपलब्ध करता है।
  • Computer और उससे जुड़ी devices को भी manage करता है।
  • हमारे computer को security भी देता है जिससे हमारे data safe रह सके।
  • Computer system को easy to use बनाता है।

कुछ Major Operating Systems के नाम:

आइए अब जानते है कुछ प्रमुख OS:

  • Windows OS
  • Mac OS
  • Linux OS
  • Ubuntu
  • Android OS
  • iOS
  • MS-DOS
  • Symbian OS

ऊपर हमने आपको बताया की operating system किस तरह हमारे पूरे computer को control और manage करता हैं। Software से लेकर Hardware तक सबकुछ OS के द्वारा ही manage होता हैं।

अब हम आपको बताने जा रहे हैं की Windows के कितने versions हैं और उन्हें कब-कब launch किया गया।

Recycle Bin क्या होता है?

Recycle Bin का इस्तेमाल delete की हुई files या folders को फिर से प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जब हम कोई भी file delete करते हैं तो वो permanently delete ना होकर recycle bin में चले जाते हैं और अगर हमे फिर से उस file की ज़रुरत पड़ी तो उसे हम recycle bin से ले सकते हैं। यह tool हमारे Desktop/Laptop में in-built होता है। 

Recycle Bin हमारे लिए एक बहुत ही important tool है क्यूंकि अगर गलती से हमने कोई data delete कर दिया हो तो Recycle bin उसे restore करने में मदद करता है।

तो अब तो आप जान ही चुके होंगे की Recycle bin कितना important है।

Windows के versions

Microsoft ने पहला Windows 1985 में launch किया था। तब से लेकर अबतक Windows के बहुत से versions आएं और सब एक से बढ़कर एक हैं। Microsoft हमेशा अपने users को ध्यान में रखते हुए new Windows को बनाती है। इतने सालों में Microsoft ने Windows में बहुत से बदलाव किये हैं और उन्हें ऐसा बना दिया है की users उन्हें चाहे desktop में use करें या laptop में, उनका experience अच्छा ही होगा।

आइए हम आपको Windows versions के बारे में शुरू से बताते हैं। 

Windows 1.0

यह Microsoft Windows का first version था। यह 16-bit में Graphical User Interface पर Microsoft का पहला प्रयास था जिसमे की वो सफल हुए थे। इस Windows को बहुत ही basic functions के साथ launch किया गया था जैसे की MS Paint, Calendar, Calculator, और Primitive Word Processor|

Windows 2.0

Windows 2.0 को 9 December, 1987 में launch किया गया था। यह Microsoft का 16-bit operating system था जिसे intel 286 processor के लिए डिजाइन किया गया था।

Windows 2.0 को Windows 1.0 से बेहतर बनाने के लिए इस version में desktop icon, keyboard shortcuts, बेहतर graphics support, overlapping windows, और EMS memory support जोड़ा गया था।

इस Windows में users का experience अच्छा बनाने के लिए कुछ new applications भी introduce किये गए जैसे की Ms Word, Ms Excel, Corel Draw, और Page Maker | इसके अलावा Windows 2.0 से ही Control Panel की शुरुवात की गयी।

Windows 3.0

Windows 3.0 1990 में launch किया गया था और Users को Windows का ये new version बहुत पसंद आया था। यह intel 386 processor के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसमें 16 रंगों के साथ बेहतर icons, performance और advanced graphics के साथ launch किया गया था।

यह version की पहली रिलीज थी जिसने Microsoft के standard, “look & feel” को provide किया था। Windows 3.0 में Program Manager, File Manager, Print Manager और Hearts, Minesweeper, और Solitaire जैसे games शामिल किये गए थे जिससे की ज़्यादा से ज़्यादा users इस new version को use करें।

यह Windows version पहला ऐसा version बना जिसमे hard drive की ज़रुरत पड़ी।

इन सब के अलावा Windows 3.0 में कुछ और भी खूबियां थीं जैसे की improved graphics, virtual memory और multitasking ability जिसकी वजह से ये लोगों के बीच बहुत ही ज़्यादा successful रहा था|

Windows 3.1

Windows 3.1 1992 में launch किया गया था। यह version users के बीच बहुत ही ज़्यादा लोकप्रिय था। Windows 3.1 में बहुत से नए features जोड़े गए थे जैसे की rich colors के साथ updated icons, बेहतर hardware detection के साथ एक बेहतर setup process और batch installation| इन सब के अलावा फाइल मैनेजर को पूरी तरह से नया रूप दिया गया और एक नया hypertext help system पेश किया गया था।

यह Windows TrueType fonts के साथ आया था। यह वो पहला version था जो एक CD-ROM में distribute किया गया था। इस windows में external music system को भी connect किया जा सकता था।

Windows 95

Windows 95 को 1995 में launch किया गया था। Users के लिए इस version में काफी कुछ नया देखने को मिला| इसमें पहली बार start button, start menu और taskbar शामिल किया गया था। यह Windows पूरी तरह से multi-tasking को ध्यान में रख कर बनाया गया था। 

Windows 95 long file names को भी support करता था। इस version को 32-bit applications के साथ compatibility को increase करने के लिए किया गया था। इस ऑपरेटिंग सिस्टम की एक महत्वपूर्ण विशेषता थी Plug-and-play| इसमें OS खुद ही drivers को ढूंढ कर उनके काम को पहचान कर उनकी मदद कर सकती थी। 

Windows 98

Windows 98 1998 में launch हुआ था। Windows 98 Microsoft के Windows 95 का upgraded version था । इसमें कुछ नई सुविधाएँ और additional device drivers शामिल किया गया था, साथ ही साथ Windows 95 में कई bugs को ठीक किया गया था।

इस version ने कई नए interface changes को introduce किया था, जैसे active desktop (जो आपको डेस्कटॉप के रूप में एक वेब पेज का उपयोग करने की अनुमति देता है) और users की सभी फाइलों और फ़ोल्डरस के लिए single-click access भी प्रदान किया था।

Windows 98 ने FAT32 फाइल सिस्टम भी पेश किया था । FAT32 users की हार्ड ड्राइव को अधिक प्रभाव से use करने की अनुमति देता था, ताकि कम डिस्क का स्थान बर्बाद हो।

Windows ME

इस Windows को 2000 में launch किया गया था। Windows ME Windows 98 का ​​उत्तराधिकारी था और इसे विशेष रूप से home PC users के लिए बनाया गया था। इसमें Internet Explorer 5.5, Windows Media Player 7, और नया Windows Movie Maker software शामिल था| इसे users के लिए easy to use बनाया गया था।

Microsoft ने Windows ME में Graphical user interface, Shell features और Windows Explorer को भी अपडेट किया था।

Windows 2000

Windows 2000 को 2000 में launch किया गया था। Windows 2000 एक ऐसा ऑपरेटिंग सिस्टम था जिसे बिजनेस desktop और laptop में सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन चलाने, इंटरनेट और इंट्रानेट साइटों से जुड़ने, फाइलों, और नेटवर्क संसाधनों तक पहुंचने के लिए बनाया गया था।

Microsoft ने Windows 2000 के चार versions जारी किए थे:

  • प्रोफेशनल (बिजनेस डेस्कटॉप और लैपटॉप सिस्टम के लिए)
  • सर्वर (वेब ​​सर्वर और ऑफिस सर्वर दोनों)
  • Advanced सर्वर (व्यावसायिक अनुप्रयोगों के लिए)
  • डेटासेंटर सर्वर (उच्च-यातायात कंप्यूटर नेटवर्क के लिए)

Windows XP

इसे 2001 में launch किया गया। नया ऑपरेटिंग सिस्टम Windows 2000 यूजर इंटरफेस को फिर से डिजाइन करने और महसूस करने के लिए बनाया गया | इस version में users को Windows के पिछले versions की तुलना में अधिक स्थिर और विश्वसनीय वातावरण मिला।

Windows XP दो versions में आया था : होम और प्रोफेशनल| इस version को लोग ज़्यादा user-friendly मानते थे।

Windows Vista

Windows Vista को दो versions में launch किया गया। पहला business version जोकि 2006 में release किया गया और दूसरा consumer version जिसे 2007 में launch किया गया। Windows Vista Windows XP से ज़्यादा reliable और secure था। Vista का Windows XP से ज़्यादा updated लुक था, जिसे “Aero interface” कहा जाता था। इस version में desktop, icons, और toolbars को 3D look दिया गया था।

इस version में होने से पहले हार्डवेयर समस्याओं का पता लगाने की क्षमता,और latest generations threats के खतरों से बचाने के लिए सुरक्षा सुविधाएँ थी। इस version के अंदर Windows media player 11और Windows defender जोकि anti-spyware program था उसे भी launch किया गया था।

Windows 7

Windows 7 2009 में release किया गया | यह version ज़्यादा तेज़ी से काम करता है। Windows 7 को Windows Vista kernel पर बनाया गया और इसका उद्देश्य Vista OS को update करना था। इसने उसी Aero User Interface का इस्तेमाल किया जो Windows Vista में शुरू हुआ था।

Windows 7 तीन editions में उपलब्ध था: Windows 7 Home Premium, Professional और Ultimate| यह multitouch capabilities का समर्थन करने वाला Windows का पहला version था। इस version से most accurate handwriting recognition की भी शुरुवात हुई थी।

Windows 7 ने Snap capabilities को introduce किया था। Snap users को स्क्रीन को बाईं या दाईं ओर खींचने में मदद करता था | Screen को resize करने की सुविधा भी मौजूद थी। इनसब के साथ Windows 7 ने और भी बहुत से features को add किया था जैसे की touch enable screen, Internet Explorer 8, Improved Window Media Player, Support for virtual hard disks और Improved security |

Windows 8

Windows 8 को 2012 में releases किया गया। Windows 8 में एक tablet interface शामिल किया गया है, जिसे Metro कहा जाता है, जो touch screen display के साथ compatible है।

Windows के इस version में start button को replace करके start screen लाया गया। यह touch – friendly भी है। इस Windows में Internet explorer 10 भी डाला गया और साथ ही यह version USB 3.0 devices को भी support करता है।   

इसमें बहुत से नए features को भी शामिल किया गया जैसे की Low power ARM architecture, Malware filtering, Spam detection, In-built antivirus capabilities और Cloud computing ।

Windows 10

इसे release किया 2015 में। यह Windows का सबसे latest version है। इस version में बहुत से ऐसे features को add किया गया जो बाकि versions में नहीं थे। Windows 10 हमेशा update होता है जिससे की users को इसे इस्तेमाल करने में आसानी हो और उनका experience और भी अच्छा होता रहे। Windows 10 में users tablet mode, mouse mode या keyboard mode on कर सकते हैं।

Windows 11

यह Windows का upcoming version है जिसे October 20121 में launch किया जाएगा। Windows 11 को खास hybrid work environment के लिए design किया गया है। इस version को पूरी तरह से new features के साथ डिज़ाइन किया गया है जैसे की Mac like interface, better virtual desktop support, Multitasking और भी बहुत कुछ।  

Users को अब ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। वह जल्द ही Windows 11 का लुप्त उठा पाएंगे।

हमने आपको Windows के अलग अलग versions के बारे में बताया और साथ ही वो एक दूसरे से बेहतर कैसे बनते गए यह भी बताया। हर Windows के अपने होते हैं और वक़्त के साथ उनमे बदलाव होते गए। 

अब हम आपको Desktop/Laptop के बहुत ही important tool के बारे में बताने वाले हैं जिसका नाम है Recycle Bin। 

Recycle Bin यह हमारे Desktop/Laptop के लिए बहुत ज़रूरी होता है अब आप कहेंगे की कैसे तो यह हम आपको बताते हैं।

Conclusion 

इस article में हमने आपको Windows क्या होता है, उसके कितने versions हैं और वो कब-कब आएं और साथ ही Recycle Bin के बारे में भी बताया है। दोस्तों हमने Windows से related हर information को आपको बताने की कोशिश की है और यही आशा करते हैं की आपको हमारा यह article ज़रूर पसंद आएगा और आपके लिए फायदेमंद भी रहेगा। 

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